Kriya and its types

समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन शब्द से वाक्य में दो शब्द, वाक्य या पदबंधों को जोड़ते है, ऐसे अविकारी या अव्यय शब्द को समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : और, या, एवं, अथवा, किन्तु, परंतु, कि, चूँकि, क्योंकि, जो कि, ताकि, व, तथा, यद्यपि, हालाँकि, लेकिन, अत:, इसलिए आदि ।
➥ भावी, स्वरा और त्वीषा अच्छे दोस्त है |
➥ निल ने कहाँ कि ओ यह काम नहीं करेगा |
➥ तन्मयी बहुत तेज़ दौड़ी लेकिन प्रथम ना आ सकी ।

➤ उपरोक्त वाक्य में "और", "कि" और "लेकिन" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

समुच्चयबोधक अव्यय के बारेमें अधिक जानकारी :
➪ समुच्चयबोधक अव्यय एक अविकारी शब्द है |
➪ इस शब्दके रूपमें लिंग, वचन, पुरुष या कारक के कारण से परिवर्तन/ बदल नही होता ।
➪ समुच्चयबोधक अव्यय को योजक भी कहते है |

➽ समुच्चयबोधक अव्यय के प्रकार : समुच्चयबोधक अव्यय प्रमुख दो भेद है |
अ) समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
आ) असमानाधिकरण/ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

अ) समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय का शब्द एक ही गुणवत्ता के दो अलग-अलग वाक्यों को जोडता है, उसे 'समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय' कहते हैं।

उदा. : और, या, अथवा, तथा, तो, व आदि ।

➽ समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय के छह उपप्रकार है |

१) सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से दो या दो से अधिक वाक्यों को आपस में जोड़ते है, उसे सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : भी, व, और, तथा, एवं, आलावा आदि।
➥ वेदांती और भावी दोनों बहने है।
➥ बड़े एवं छोटे सभी को सच बोलना चाहिए।
➥ सेब तथा अंगूर फल है।
➥ सुख व दुःख जीवन में आते रहते हैं।

➤ उपरोक्त वाक्य में "और", "एवं", "तथा" और "व" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

२] विभाजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से दो शब्द या वाक्यों को भेद बताकर एक-दूसरे जोड़ते है, उसे 'विभाजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय'कहते हैं।

उदा. : ताकि, या, तो, या तो, चाहे तो, ना कि, नहीं तो, पर, परन्तु, चाहे, अथवा, अन्यथा, वा, मगर आदि। ​
➥ निल कोशिश कर रहा है ताकि सफल हो जाए।
➥ यह काम पूरा करो नहीं तो खाना नहीं मिलेगा ।
➥ बहुत मेहनत करोगे तो जिंदगी में सफल होगे ।
➥ हर्षल तो आया, पर विशाल नहीं आया।

➤ उपरोक्त वाक्य में "ताकि", "नहीं तो", "तो" और "पर" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

३] विकल्पसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जो समुच्चयबोधक अव्यय शब्द वाक्यों में दिए गए दो पर्यायोंमें से किसी एक ही पर्याय को पसंती दर्शाता है, उसे विकल्पसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : या, कि, अथवा, अन्यथा आदि |
➥ आज मैदान पर या घर पर खेलेंगे।
➥ आपको पेन चाहिए अथवा पेन्सिल ?
➥ तुम चलते रहो अन्यथा घर नहीं पहुँच पाओगे।

➤ उपरोक्त वाक्य में "या", "अथवा", और "अन्यथा" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।


४] विरोधसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से दो विरोध करनेवाले वाक्यों या उपवाक्यों को जोड़ा जाता है, उसे विरोधसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय करते हैं |

उदा. : पर, परन्तु, किन्तु, मगर, वरना, बल्कि, लेकिन आदि।
➥ निलने माँ के मारसे बचने की कोशिश की परन्तु बच ना सका ।
➥ रूद्र घरमें होना चाहिए था लेकिन ओ बहार था ।
➥ स्वरा तो पढाई करने बैठी पर भावी नहीं बैठी ।

➤ उपरोक्त वाक्य में "की", "लेकिन", और "पर" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

५] परिणामसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से पहले वाक्य की घटना का परिणाम दूसरे वाक्यमें दर्शाता है, उसे परिणामसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : परिणाम स्वरूप, फलस्वरूप, इसलिए, सो, इस कारण, अत:, अतएव, फलत:, अन्यथा आदि ।
➥ ग्रीष्मा ने मेहनत से पढ़ाई की इसलिए वह पास हुई। |​
➥ निलने सबसे अच्छा काम किया परिणामस्वरूप उसे पहचान मिली।
➥ इस मार्ग में बहुत खतरें हैं अतएव यहाँ जाना ठीक नहीं हैं।
➥ मैं अंग्रेजी में दुर्बल हूँ, अत: आप मेरी मदत करें।

➤ उपरोक्त वाक्यमें "इसलिए", "परिणामस्वरूप", "अतएव" और "अत:" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

६] वियोजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से अपने द्वारा जुड़ने वाले और एक को त्यागने का बोध होता है, उसे वियोजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : अथवा, या, न, आदि।
➥ न तो भावीने, न ही स्वराने वहाँ तैरनेकी की हिम्मत की |
➥ वेदांती अथवा हर्षाली ने ही भेँट दी है।
➥ निल या रूद्र में से ही कोई यहाँ आया है ।

➤ उपरोक्त वाक्य में "न", "अथवा", और "या" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

Nouns : The name given to a people, objects, birds.... Read more...

आ) असमानाधिकरण/ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से असमान गुणवत्ता वाले दो अलग-अलग वाक्यों को जोड़ते है, यानी जिसमें एक वाक्य प्रमुख/ प्रधान है और दूसरा वाक्य आश्रित/ गौण है, ऐसे वाक़्योंको जोड़ते हैं, उसे असमानाधिकरण/ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : जोकि, इसलिए क्योंकि, कि, इस कारण, इसलिए, केलिए, यद्यपि, चूँकि, ताकि, तथापि आदि।
➥ मानव परीक्षा उत्तीर्ण हुआ क्योंकि उसने बहुत अध्ययन किया।
➥ उच्च अध्ययन करने केलिए वे पुणे गए।

➤ उपरोक्त वाक्य में "क्योंकि", और "केलिए" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

➽ असमानाधिकरण/ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय के चार उपप्रकार है |

१) उद्देश्यवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से प्रधान वाक्य का उद्देश या हेतु आश्रित वाक्य से दर्शाया जाता है, उसे उद्देश्यवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।
उदा. : कि, केलिए, इसलिए कि, ताकि, जो, जिससे आदि।
➥ उचित इलाज कराने केलिए वह मुंबई आया ।
➥ अच्छे कपड़े लेने थे इसलिए वह एक बड़े कपड़े की दुकानमें गया।
➥ तुम मेरी सहायता करो जिससे मेरा काम जल्दी होजाए ।

➤ उपरोक्त वाक्य में "केलिए", "इसलिए", और "जिससे" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

२) स्वरूपवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से प्रधान वाक्य का स्वरूप आश्रित वाक्य से स्पष्ट किया जाता है, उसे स्वरूपवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।
उदा. : जैसे, यानी, कि, अथार्त, मानो, जो आदि।
➥ पृथ्वी घूमती है यानी परिभ्रमण करती है |
➥ एक मीटर अथार्त सौ सेंटीमीटर का होता है।
➥ दस बजे कि मै सो जाता हूँ ।
➥ वह इस तरह डर गया जैसे उसने भूत देखा हो।

➤ उपरोक्त वाक्य में "यानी", "अथार्त", 'कि' और "जैसे" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

३) कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से प्रधान वाक्य की घटना का कारण आश्रित वाक्य से दर्शाया जाता है, उसे कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : क्योंकि, चूँकि, जोकि, इसलिए, इसलिए कि, इस कारण, कि, ताकि आदि |
➥ मेरा काम हो गया इसलिए मैं जाऊंगा।
➥ आशीष को मनोविज्ञान की जानकारी नहीं क्योंकि उसे यह विषय पसंद नहीं।
➥ वह झूट बोलता है इसकारण वह मुझे पसंद नहीं है|

➤ उपरोक्त वाक्य में "इसलिए", "क्योंकि", और "इसकारण" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

४) संकेतसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय :

जिन समुच्चयबोधक अव्यय शब्द से प्रधान वाक्य की घटना के संकेत आश्रित वाक्य से दर्शाया जाता है और उसका परिणाम प्रधान वाक्यपर होता है, उसे संकेतसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं।
➤ इन शब्दों से दो योजक दो उपवाक्यों को जोड़ते हैं |
➤ इन शब्दों से संकेत के भाव का पता चलता हैं।

उदा. : यदि, परन्तु, तो, तथापि, जा, यद्पि, आदि ।
➥ जीवन में सफल होना हैं तो मेहनत जरुरी है ।
➥ कुछ बनना है तो कुछ कर दिखाओ ।
➥ गर उसे काम नहीं होगा तथापि वह वापस आ जाएगा ।

➤ उपरोक्त वाक्य में "तो", "तो", और "तथापि" यह समुच्चयबोधक अव्यय है।

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Kriya-Hindi Quiz

~» छोटी प्रश्नोत्तरी «~

इस त्वरित छोटी प्रश्नोत्तरी के साथ अपनी समझ का परीक्षण करें।

➤ निम्नलिखित वाक्य से समुच्चयबोधक अव्यय के प्रकार को पहचानें :

१) इस मार्ग में बहुत खतरें हैं अतएव यहाँ जाना ठीक नहीं हैं।
विकल्पसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
उद्देश्यवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
परिणामसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

२) बहुत मेहनत करोगे तो जिंदगी में सफल होगे ।
उद्देश्यवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
विभाजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
विरोधसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

३) अच्छे कपड़े लेने थे इसलिए वह एक बड़े कपड़े की दुकानमें गया।
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
उद्देश्यवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
विरोधसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

४) आज मैदान पर या घर पर खेलेंगे।
विकल्पसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

५) रूद्र घरमें होना चाहिए था लेकिन ओ बहार था ।
कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
विरोधसूचक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

६) बड़े एवं छोटे सभी को सच बोलना चाहिए।
वियोजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

७) वह झूट बोलता है इसकारण वह मुझे पसंद नहीं है|
वियोजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

८) न तो भावीने, न ही स्वराने वहाँ तैरनेकी की हिम्मत की |
वियोजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
कारणसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

९) एक मीटर अथार्त सौ सेंटीमीटर का होता है।
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
स्वरूपवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
संकेतसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय

१०) कुछ बनना है तो कुछ कर दिखाओ ।
संकेतसूचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
स्वरूपवाचक व्याधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय
सयोंजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय



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