Kriya and its types

संबंधबोधक अव्यय :

वाक्य में दो संज्ञा या सर्वनाम के बीच संबंध दर्शानेवाले अव्यय शब्द को संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : के सामने, के ऊपर, से दूर, के कारण, के पास, के आगे, की ओर, के लिए, के साथ, की जगह, के अनुसार आदि |
➥ मैदान के सामने एक फूलबग है।
➥ गर्मी के कारण लोग पेड़ के नीचे आराम कर रहे हैं।
➥ घर के अंदर पिताजी बैठे है |

➤ उपरोक्त वाक्य में "के सामने", "के कारण", और "के अंदर" यह संबंधबोधक अव्यय है।

संबंधबोधक अव्यय के बारेमें अधिक जानकारी :
➪ संबंधबोधक अव्यय एक अविकारी शब्द है |
➪ इस शब्दके रूपमें लिंग, वचन, पुरुष या कारक के कारण से परिवर्तन/ बदल नही होता ।
➪ संबंधबोधक अव्यय का शब्द संज्ञा या सर्वनाम के बाद आता है |
➪ कुछ संबंधबोधक अव्यय स्थानवाचक क्रियाविशेषण की तरह भी प्रयुक्त होते हैं |
➪ शब्द-भेद में संबंधबोधक अव्यय शब्दका पचवा भेद है |

➽ संबंधबोधक अव्यय के प्रकार : संबंधबोधक अव्यय के बारा प्रकार है |
१) कालवाचक संबंधबोधक अव्यय
२) स्थानवाचक संबंधबोधक अव्यय
३) दिशाबोधक संबंधबोधक अव्यय
४) विरोधसूचक संबंधबोधक अव्यय
५) समतासूचक संबंधबोधक अव्यय
६) साधनवाचक संबंधबोधक अव्यय
७) हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय
८) कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय
९) सीमावाचक संबंधबोधक अव्यय
१०) विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय
११) संग्रवाचक संबंधबोधक अव्यय
१२) सहचरसूचक संबंधबोधक अव्यय

१] कालवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से 'समय या काल' का बोध होता है, उसे 'कालवाचक संबंधबोधक अव्यय' कहते हैं।

उदा. : आगे, पीछे, पहले, बाद में, पश्चात्, उपरांत आदि |
➥ पिताजी के पीछे हम खड़े है |
➥ वेदांती के बाद कोई बहार नहीं गया |
➥ हर्षल के पश्चात निल पहुँच गया |

➤ उपरोक्त वाक्य में "के पीछे", "के बाद", और "के पश्चात" यह संबंधबोधक अव्यय है।

२] स्थानवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से 'स्थान' याने 'जगह' का बोध होता है, उसे 'स्थानवाचक संबंधबोधक अव्यय'कहते हैं।
उदा. : आगे , पीछे, सामने, ऊपर, नीचे, बगल, निकट, पास, बाहर, भीतर आदि |​
➥ मेरे बगल में मनोज बैठा था ।
➥ मंदिर के पास दो बच्चे बैठे थे।
➥ मेरे घर के सामने पाठशाला है |
➥ मेरी कार घर के निकट खड़ी है।

➤ उपरोक्त वाक्य में "बगल में", "के पास", "के सामने" और "के निकट" यह संबंधबोधक अव्यय है।

३] दिशावाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से 'दिशा' का बोध होता है, उसे दिशावाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : निकट, समीप, ओर, सामने, तरफ, प्रति आदि |
➥ मंजिल की ओर देखो और अपना काम करो |
➥ जहाज की तरफ कम लहरें हैं।
➥ बगीचेके समीप ही एक मंदिर है |

➤ उपरोक्त वाक्य में "की ओर", "की तरफ", और "के समीप" यह संबंधबोधक अव्यय है।


४] विरोधसूचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्योंमें विरोध दर्शाया जाता है, उसे विरोधसूचक संबंधबोधक अव्यय करते हैं |

उदा. : विरुद्ध, उल्टा, प्रतिकूल, विपरीत आदि |
➥ भावी अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठती है |
➥ रूद्र के विपरीत ही निल करता रहता है |
➥ समाज के प्रतिकूल कुछ मत करो |

५] समतासूचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्योंमें समानता दर्शाई जाती है, उसे समतासूचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : समान, जैसा, वैसा, अनुसार, सामान्य, तुल्य, तरह, सदृश आदि |
➥ भावी के समान स्वरा भी छोटी है |​
➥ वेदांती के जैसे तन्मयी भी सातवीं कक्षामें है |
➥ नियमों के अनुसार यह सही है |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "के समान", "के जैसे" और "के अनुसार" यह संबंधबोधक अव्यय है।

६] साधनवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से 'साधन' या 'जरिया' का बोध होता है, उसे साधनवाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : निमित्त, माध्यम, जरिये, द्वारा, सहारे, मार्फत आदि |​
➥ हर्ष मित्र के सहारे ही हिम्मत करता है।
➥ स्वरा के निमित्त से त्विषा खेलने जाती है।
➥ वेदांती के जरिए भावी अपनी पढाई कराती है |

➤ उपरोक्त वाक्य में "के सहारे", "के निमित्त", और "के जरिए" यह संबंधबोधक अव्यय है।

७] हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्योंमें हेतु का बोध होता है, उसे हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : बिना, अथवा, रहित, सिवा, अतिरिक्त, आदि।
➥ आकाश के बिना यह काम नहीं हो सकता |
➥ आशीष के सिवा टीम अधूरी है |
➥ निल के अतिरिक्त ये कोई नहीं कर सकता |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "के बिना", "के सिवा" और "के अतिरिक्त" यह संबंधबोधक अव्यय है।

८] कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्यमें किसी कारण के दर्शाता है, उसे कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : कारण, हेतु, वास्ते, निमित्त, खातिर आदि |
➥ अपने कर्मों के कारण ही हमें शिक्षा मिलती है |
➥ भावी के वास्ते हमेंने बस छोडदी |
➥ रूद्र के खातिर स्वरा ने नृत्य किया |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "के कारण", "के वास्ते", और "के खातिर" यह संबंधबोधक अव्यय है।

Nouns : The name given to a people, objects, birds.... Read more...

९] सीमावाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्यमें किसी 'सिमा' या 'दायरे' का बोध होता है, उसे सीमावाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. :
➥ आपके अधिकारोंका दायरा यहाँ समाप्त होता है |
➥ पहाड़ पर्यन्त यह जमीं हमारी है।
➥ चित्र में केस मात्र भी फरक नही होना चाहिए |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "दायरा", "पर्यन्त ", और "मात्र" यह संबंधबोधक अव्यय है।

१०] विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्यमें किसी 'विषय' सन्दर्भ दर्शाता है, उसे विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : विषय, बारेमें, बाबत, लेख आदि |
➥ पैसोंके विषय बात हो रही है |
➥ कहानी बाबत चर्चा करेंगे |
➥ दोस्तोंके बारेंमें वह बहोत भौक है |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "विषय", "बाबत", और "बारेंमें" यह संबंधबोधक अव्यय है।

११] संग्रवाचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्यमें किसी 'संग्रह' का बोध होता है, उसे संग्रवाचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : समेत, भर, तक आदि |
➥ फल फूलों समेत मंदिर आ जाना |
➥ भावीने टोकरी भर फल खरीद लिए |
➥ गड्ढेमें सिर तक पानी भरा था |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "समेत", "भर", और "तक" यह संबंधबोधक अव्यय है।

१२] सहचरसूचक संबंधबोधक अव्यय :

जिन संबंधबोधक अव्यय शब्द से वाक्यमें किसी साथ या सह होने का बोध होता है, उसे सहचरसूचक संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

उदा. : सह, समेत, संग, साथ आदि |
➥ वेदांती सह सारे दोस्त पूना गए |
➥ स्वरा संग कोई नही खेलता |
➥ निल के साथ रूद्र भी खेलने गया |

➤ उपरोक्त वाक्यमें "सह", "संग", और "साथ" यह संबंधबोधक अव्यय है।

वाक्य में किए प्रयोग के अधारपर संबंधबोधक अव्यय के भेद :

१ . सविभक्तिक संबंधबोधक : विभक्ति प्रत्यय के साथ आनेवाले शब्द,
--- उदा. : यथा, पास, लिए आदि |
➥ वीर के घर के पास बगीचा है |

२ . निर्विभक्तिक संबंधबोधक : विभक्ति प्रत्यय के बिना आनेवाले मूल शब्द
--- उदा. : रहित, सह, सहित आदि |
➥आप परिवार सहित समारंभ में आना | ​

३ . उभय विभक्ति संबंधबोधक : विभक्ति प्रत्यय के साथ या बिना दोने में आनेवाले शब्द को
--- उदा. : द्वारा, बिना आदि | ,
➥ यह पुस्तक वेदांती के द्वारा लिखा गया है |​
➥ यह पुस्तक वेदांती द्वारा लिखा गया है |​

क्रियाविशेषण और संबंधबोधक अव्यय में फरक :

- शब्द का प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम के साथ होता है तो वे 'संबंधबोधक अव्यय' होते हैं |
- शब्द का प्रयोग क्रिया की विशेषता दर्शानेकेलिए करते हैं तो वे क्रियाविशेषण अव्यय' होते हैं |

उदा. :
बहार निकलो | - (क्रियाविशेषण अव्यय)
➥ घर से बहार निकलो | - (संबंधबोधक अव्यय)

Published by : Smart School

Kriya-Hindi Quiz

-: छोटी प्रश्नोत्तरी :-

इस त्वरित छोटी प्रश्नोत्तरी के साथ अपनी समझ का परीक्षण करें।

➤ निम्नलिखित वाक्य से संबंधबोधक अव्यय के प्रकार को पहचानें :

१) आशीष के सिवा टीम अधूरी है |
समतासूचक संबंधबोधक अव्यय
हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय
कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय

२) मंजिल की ओर देखो और अपना काम करो |
दिशाबोधक संबंधबोधक अव्यय
हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय
कालवाचक संबंधबोधक अव्यय

३) वेदांती के बाद कोई बहार नहीं गया |
दिशाबोधक संबंधबोधक अव्यय
कालवाचक संबंधबोधक अव्यय
हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय

४) कहानी बाबत चर्चा करेंगे |
हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय
समतासूचक संबंधबोधक अव्यय
विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय

५) रूद्र के विपरीत ही निल करता रहता है |
कालवाचक संबंधबोधक अव्यय
विरोधसूचक संबंधबोधक अव्यय
विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय

६) नियमों के अनुसार यह सही है |
समतासूचक संबंधबोधक अव्यय
विरोधसूचक संबंधबोधक अव्यय
विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय

७) भावी के वास्ते हमेंने बस छोडदी |
कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय
विषयवाचक संबंधबोधक अव्यय
सीमावाचक संबंधबोधक अव्यय

८) हर्ष मित्र के सहारे ही हिम्मत करता है।
सीमावाचक संबंधबोधक अव्यय
कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय
साधनवाचक संबंधबोधक अव्यय

९) आपकी अधिकारोंका दायरा यहाँ समाप्त होता है |
कारणवाचक संबंधबोधक अव्यय
सीमावाचक संबंधबोधक अव्यय
समतासूचक संबंधबोधक अव्यय

१०) मेरे घर के सामने पाठशाला है |
स्थानवाचक संबंधबोधक अव्यय
साधनवाचक संबंधबोधक अव्यय
समतासूचक संबंधबोधक अव्यय



Your score is:

Correct answers:


Check our Craft Channel

About Smart School Infolips

From Smart School